दुनिया

बुरहानपुर की गांधी वादी संस्थाओं ने वैश्विक शांति के लिए की सर्वधर्म प्रार्थना l* *कहा मानवता जब खत्म होती है तब हिंसा बढ़ती है*

ुरहानपुर जिले के गांधी विचार धारा से जुड़े लोगों और गांधी वादी संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने वरिष्ठ गांधी वादी रचनात्मक कार्यकर्ता एवं जिला सर्वोदय मंडल के जिला अध्यक्ष श्री विजय दीक्षित की अध्यक्षता मे स्थानीय गांधी भवन में जिला सर्वोदय मंडल, गांधी ग्लोबल फेमिली, गांधी शांति समिति के संयुक्त नेतृत्व मे 29 मार्च को सर्वधर्म प्रार्थना सभा का की और वर्तमान समय में अमेरिका, इजराइल, और ईरान आदि देशों की सैन्य कार्यवाही औरयुद्ध उन्माद की घटनाओं पर चिंता व्यक्त करते हुए विश्व शांति और मानवता के लिए घोर संकट बताया और विश्व शांति के लिए सर्वधर्म प्रार्थना की l इस अवसर प्रो वीरेंद्र निर्झर, श्री मुकेश राजे, गांधी ग्लोबल फेमिली की जिला अध्यक्ष श्रीमति तसनीम मर्चेंट, श्री शेख रुस्तम, श्री तफज्जुल हुसैन मुलायमवाला, डा श्री गिरीश कुमार श्रॉफ, श्री राम प्रकाश जायसवाल, श्री सत्य प्रकाश कपूर, श्री रमेश महाजन, शिक्षाविद श्री कैलाश जयवंत ने विश्व में शांति और अहिंसा की स्थापना के लिए गांधी के विचारों की प्रासंगिकता पर जोर देते हुए अपने संबोधन में कहा कि मानवता जब खत्म होती है तब स्वार्थ की भावना आतीं है, हिंसा की भावना आती है l युद्ध का कारण भी यही है उन्होंने शांति के लिए मनुष्य में मानवता को जगाने की जरूरत पर बल दिया l इस अवसर पर अहिंसा के अनुयायी और गांधी वादी संस्थाओं के प्रतिनिधि श्री विजय दीक्षित, श्री मुकेश राजे, गांधी ग्लोबल फेमिली की जिला अध्यक्ष श्रीमति तसनीम मर्चेंट, श्री शेख रुस्तम, श्री तफज्जुल हुसैन मुलायमवाला, श्री डा गिरीश कुमार श्रॉफ, श्री राम प्रकाश जायसवाल,श्री रमेश शुक्ला, श्री सादिक जहाजवाला,श्री सत्य प्रकाश कपूर, श्री कृष्ण कुमार सुखवानी, श्री रमेश महाजन, श्री मुंबशर अली पीरजादा, श्री चंद्रकांत पाटीदार, श्री डा वासिफ यार, श्री कैलाश जयवंत,श्री मोहम्मद मर्चेंट, श्री अताउल्ला खान,श्री अमजद खान, श्री रियाज़ुलहक अंसारी, श्री मोहम्मद मर्चेंट, श्री जगन्नाथ महाजन, श्री राज कुमार जायसवाल, मो जाकिर, श्री मकतूम मियां आदि ने एक सर्वसम्मत प्रस्ताव पारित कर एक वक्तव्य मे वर्तमान मे अमेरिका, इजराइल और ईरान आदि देशों की सैन्य कार्यवाही औरयुद्ध उन्माद की घटनाओं से वैश्विक शांति, स्थिरता, और मानवता पर गहराते संकट पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए बताया कि अमेरिका, इजराइल आदि देशों के सैन्य हमले और युद्ध की घटनाएं पूरी तरह से मानव सभ्यता के लिए दर्दनाक त्रासदी बन गई है l युद्ध की घटनाओं में स्कूल अस्पताल आदि संवेदनशील स्थानों पर बमबारी से सैकड़ों मासूम बच्चों, स्त्रियों, व आम नागरिको के मारे जाने की घटनाएं अत्यंत व्यथित करने वाली और मानव अधिकारों का घोर उल्लंघन है l उन्होंने बताया कि हमारा मानना है कि युद्ध का दुष्प्रभाव केवल युद्ध- रत राष्ट्रों तक ही सीमित नही रहता बल्कि अन्य देशों की अर्थ व्यवस्था पर भी गहरा संकट उत्पन्न होता है जिससे महंगाई बढ़ती है, कीमतों में अचानक वृद्धि होती है और आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति बाधित होती है जिससे अन्य देशों मे भी अर्थ व्यवस्था का संकट खड़ा हो जाता है वही युद्ध की विभीषिका से मानवता लंबे समय तक पीड़ित और त्रस्त रहती हैं l उन्होंने बताया की हम गांधी वादी संस्थाओं का मानना है कि किसी भी महान लक्ष्य के लिए हिंसा या युद्ध उचित साधन नहीं है राष्ट्रपिता गांधी ने भी युद्ध को एक घोर बुराई बताया है और कहा है जब दो राष्ट्र आपस मे लड़ रहे हो तो अहिंसा के अनुयायियों का कर्तव्य है कि वह युद्ध को रोके l गांधी ने अन्याय और हिंसा के खिलाफ आवाज उठाने का संदेश दिया है और समूचे विश्व को हिंसा के विरुद्ध शांति और अहिंसा का मार्ग बताया हैl आज के युद्ध में सबसे अधिक क्षति गांधी के मूल्यों सत्य, अहिंसा और करुणा की हो रही है l गांधी के अनुयाई और गांधी वादी संस्थाओं के शांति सेवक होने के नाते उन्होंने विश्व को शांति का संदेश देते हुए गांधी भवन में आयोजित सर्वधर्म प्रार्थना सभा में युद्ध को रोकने की कामना करते हुए अपनी आत्मिक शक्ति से सर्वव्यापी ईश्वर से युद्ध रत राष्ट्रों को सद्बुद्धि देने की प्रार्थना की l

Show More

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button