जल संकट की आहट! ताप्ती सेवा समिति ने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन* *घटता ताप्ती का जलस्तर बढ़ा रहा चिंता, जल संरक्षण के लिए जागे प्रशासन*

बुरहानपुर। इस वर्ष अपेक्षाकृत कम बारिश और मां ताप्ती नदी के लगातार घटते जलस्तर को देखते हुए आगामी ग्रीष्मकाल में संभावित जल संकट की आशंका पर ताप्ती सेवा समिति, बुरहानपुर ने चिंता जताई है। समिति ने समय रहते जल संरक्षण एवं जल प्रबंधन की ठोस व्यवस्था करने की मांग को लेकर कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपा। कलेक्टर प्रतिनिधि के रूप में नायब तहसीलदार ने ज्ञापन प्राप्त किया।
समिति ने ज्ञापन के माध्यम से कहा कि जल संकट उत्पन्न होने के बाद समाधान तलाशने के बजाय अभी से आवश्यक कदम उठाना जरूरी है। जिले से लगे महाराष्ट्र के गांवों एवं शहरों में चार दिनों में एक बार पानी की आपूर्ति किए जाने जैसी खबरें सामने आ रही हैं। ऐसी परिस्थितियों को देखते हुए बुरहानपुर में भी आगामी गर्मियों की पेयजल जरूरतों को ध्यान में रखकर पूर्व नियोजन किया जाना चाहिए।


अध्यक्ष सरिता भगत ने कहा डेम एवं बांधों से रिसाव की सामने आ रही जानकारियों की तकनीकी जांच, आवश्यक मरम्मत तथा जल छोड़ने की प्रक्रिया, समय और मात्रा की समीक्षा करने का आग्रह किया, ताकि उपलब्ध जल का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित किया जा सके और अनावश्यक जल बहाव को रोका जा सके। साथ ही जल संरक्षण के लिए जनजागरूकता अभियान चलाने की मांग भी की गई।
ज्ञापन सौंपने के दौरान उपस्थित रहे: ताप्ती सेवा समिति की सचिव धर्मेंद्र सोनी, उपाध्यक्ष डॉ. यूसुफ खान एवं अत्ताउल्लाह खान सहित राजकुमार बच्चवानी, विनय पुनीवाला, रियाज उल हक अंसारी, राजीक अंसारी, राजेश भगत, नंदकिशोर वाणे, बसंत पाल, विवेक हकीम आदि समिति सदस्य उपस्थित रहे।



